सुकमा

सुशासन का असर, सशक्त नारी-समृद्ध सुकमा चिपूरपाल बनी जिले की ‘महिला-हितैषी’ मॉडल पंचायत

सीएम साय के विजन से सशक्त हो रहीं सुकमा की बेटियां

सुकमा  =मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जिले की ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर और महिला-हितैषी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी सफलता हासिल की है। कलेक्टर  अमित कुमार के निर्देशन एवं जिला सीईओ  मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में छिंदगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत चिपूरपाल ‘सतत विकास लक्ष्यों’ (SDG) के अंतर्गत एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरी है। यहाँ आयोजित ‘महिला सभा’ ने लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी है।

➡️स्वास्थ्य और पोषण पर केंद्रित ‘चिपूरपाल मॉडल

पंचायत में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वय से प्रयास किए जा रहे हैं। माता मृत्यु दर और बाल मृत्यु दर को कम करने के लिए संस्थागत प्रसव और नियमित स्वास्थ्य जाँच पर विशेष जोर। गर्भवती, शिशुवती महिलाओं और शिशुओं के लिए विशेष पोषण आहार सुनिश्चित करना। बुजुर्ग महिलाओं के लिए संस्थागत सहायता प्रणाली का विकास। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का सफल क्रियान्वयन- मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को चिपूरपाल में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। स्कूल ड्रॉपआउट में कमी लाने के लिए सरपंच और सचिव द्वारा स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है ताकि कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे। महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराधों को रोकने और एक सुरक्षित परिवेश निर्मित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

➡️ग्राम सभा में गूँज रही महिलाओं की आवाज़

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा निर्धारित 9 विषयों में से “महिला-हितैषी ग्राम पंचायत” विषय पर चिपूरपाल में विशेष नीतियों का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम सभाओं में अब महिलाएँ न केवल भागीदारी कर रही हैं, बल्कि आगामी योजनाओं और अपनी सुरक्षा से जुड़ी नीतियों पर सक्रिय चर्चा भी कर रही हैं।

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