बस्तर में खनिज माफिया पर प्रशासन का शिकंजा 5 हाईवा, 2 टिप्पर और एक पोकलेन मशीन जब्त

जगदलपुर = 1 फरवरी 2026/ बस्तर जिले में खनिज माफियाओं के हौसले पस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्यवाही की है। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशों और खनि अधिकारी शिखर चेरपा के नेतृत्व में जिला खनिज जांच दल ने 27 से 29 जनवरी के बीच एक विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान जिले के कोड़ेनार, बस्तर, बनियागांव, बकावंड और परपा क्षेत्रों में ताबड़तोड़ दबिश देकर अवैध उत्खनन और परिवहन में लिप्त कुल 8 वाहनों को जब्त किया गया है।
विभाग द्वारा की गई इस कार्यवाही में गौण खनिज चूनापत्थर और रेत का अवैध परिवहन करते हुए 7 भारी वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिनमें 5 हाईवा और 2 टिप्पर शामिल हैं। इन पकड़े गए वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इसके अतिरिक्त 29 जनवरी को अवैध उत्खनन प्रकरण में एक भारी-भरकम चैन माउंटेन पोकलेन मशीन को भी जब्त कर सुपुर्दगी में लिया गया है। जब्त किए गए इन वाहनों के चालकों और मालिकों का संबंध बस्तर, तोकापाल, बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों से है, जो बिना वैध दस्तावेजों के खनिज संपदा की ढुलाई कर रहे थे।
इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहलू तहसील बकावंड के बनियागांव में देखने को मिला, जहाँ प्रशासन को रेत के अवैध उत्खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जाँच दल ने मौके पर पाया कि भस्कली नदी के तट पर, जो छत्तीसगढ़ और ओडिशा की अंतर्राज्यीय सीमा है, वहां नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर रेत का खनन किया जा रहा था। खनिज अमले ने त्वरित और सूझबूझ भरी कार्यवाही करते हुए न केवल यहाँ चल रहे अवैध कारोबार को रोका, बल्कि पोकलेन मशीन की मदद से उस रास्ते को ही पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिसका इस्तेमाल माफिया सीमा पार परिवहन के लिए कर रहे थे।
इस पूरी कार्यवाही को अंजाम देने में खनि अधिकारी शिखर चेरपा के साथ सहायक खनि अधिकारी जागृत गायकवाड़, खनि सिपाही डिकेश्वर खरे और महादेव सेठिया ने मैदानी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त सभी 08 वाहनों पर छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने जिले के सभी खनिज ठेकेदारों और परिवहनकर्ताओं को पुनः कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि बिना वैध अभिवहन पास के खनिजों का परिवहन करना गंभीर अपराध है और भविष्य में भी अवैध परिवहनकर्ताओं एवं उत्खननकर्ताओं के विरुद्ध यह विशेष जाँच अभियान निरंतर जारी रहेगा।



