वनमंत्री केदार कश्यप ने ऐतिहासिक रेलवे बजट एवं रावघाट–जगदलपुर परियोजना के लिए केंद्र एवं राज्य नेतृत्व का जताया आभार

जगदलपुर = प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देशभर में अधोसंरचना के विकास को निरंतर गति मिल रही है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य को रेलवे क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए ₹7470 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट प्रावधान किया गया है, जिसे राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तरवासियों और पूरे प्रदेश की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदयपूर्वक आभार व्यक्त किया। वनमंत्री ने इसे बस्तर अंचल के लिए “मील का पत्थर” बताते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल है।
रावघाट–जगदलपुर रेलवे परियोजना वर्षों से प्रतीक्षित थी और इसके शुभारंभ के साथ ही बस्तर क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। वनमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्रीय संपर्क सुदृढ़ होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित परिवहन साधनों के कारण बस्तर क्षेत्र अब तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा है। यह परियोजना पूरी होने के बाद बस्तर सीधे राज्य और राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ेगा, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में सुविधा और समय तथा लागत की बचत होगी।
वनमंत्री केदार कश्यप ने बताया कि परियोजना के पूरा होने से बस्तर में औद्योगिक और निवेश संभावनाओं को भी मजबूती मिलेगी। खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध यह क्षेत्र नए उद्योगों के लिए आकर्षक बनेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, कृषि एवं वनोपज आधारित उत्पादों के लिए नए बाजार खुलेंगे, जिससे जनजातीय समुदाय की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
पर्यटन के क्षेत्र में भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत अब बेहतर रेल कनेक्टिविटी के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों के लिए सुलभ होगी। वनमंत्री ने कहा कि यह केवल एक रेलवे लाइन का निर्माण नहीं है, बल्कि बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव है। यह परियोजना क्षेत्र में विश्वास, विकास और समावेशी प्रगति का प्रतीक बनकर उभर रही है।
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की प्रतिबद्धता और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सतत मार्गदर्शन के कारण ही आज बस्तर विकास की नई राह पर अग्रसर है। यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता इस युगांतकारी पहल के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कृतज्ञ है और विश्वास व्यक्त करती है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।




