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निजी स्कूलों में भी अब ‘बोर्ड पैटर्न’ पर होंगी 5वीं-8वीं की परीक्षाएं

जगदलपुर = 4 फरवरी 2026/ ​छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अब शासकीय स्कूलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध निजी (अशासकीय) स्कूलों में भी कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं केंद्रीकृत ‘बोर्ड पैटर्न’ पर आयोजित की जाएंगी। इस महत्वपूर्ण बदलाव और परीक्षा की तैयारियों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी  बीआर बघेल, जिला मिशन समन्वयक  अशोक पांडे और परीक्षा नोडल अधिकारी  जयनारायण पाणिग्राही की उपस्थिति में बुधवार को निजी स्कूल संचालकों की एक आवश्यक बैठक आयोजित हुई, जिसमें वर्ष 2025-26 की वार्षिक परीक्षाओं के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है।

​शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूलों को हर हाल में 14 फरवरी तक पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य होगा। पाठ्यक्रम पूरा होने के तुरंत बाद ही परीक्षा की विशेष तैयारियां शुरू हो जाएंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को परीक्षा के स्वरूप से परिचित कराने के लिए 25 फरवरी तक प्रश्नपत्र का ‘ब्लू प्रिंट’ समझा दिया जाए। इसके पश्चात छात्रों को मुख्य परीक्षा के लिए आत्मविश्वास से भरने के उद्देश्य से 27 फरवरी से 14 मार्च के बीच विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए ‘सेंपल पेपर्स’ से सघन अभ्यास कराया जाएगा।

​परीक्षा पद्धति में बदलाव करते हुए अंकों का विभाजन भी तय कर दिया गया है। कक्षा 5वीं की परीक्षा कुल 50 अंकों की होगी, जिसमें 40 अंक लिखित परीक्षा के और 10 अंक प्रोजेक्ट कार्य के होंगे। वहीं, कक्षा 8वीं के लिए कुल 100 अंक निर्धारित हैं, जिनमें 80 अंक लिखित और 20 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिए रखे गए हैं। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे 25 फरवरी तक प्रोजेक्ट कार्य पूरा करवा लें और इसके अंक 27 फरवरी तक सीलबंद लिफाफे में बीईओ कार्यालय जमा करें। परीक्षा संचालन हेतु कक्षा 5वीं के लिए 55 रुपये और कक्षा 8वीं के लिए 60 रुपये प्रति छात्र का शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसे 5 फरवरी तक जमा करना होगा।

​प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी विद्यार्थी को वंचित न किया जाए। परीक्षाएं पूरी तरह से सरकारी निगरानी में संपन्न होंगी, जिसके लिए शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। परीक्षा संपन्न होने के बाद मूल्यांकन कार्य तेजी से किया जाएगा और 25 अप्रैल तक स्कूलों में अंकसूची तैयार कर ली जाएगी। अंततः, 30 अप्रैल को सभी संस्था प्रमुख अपने-अपने विद्यालयों में परीक्षा परिणाम की घोषणा करेंगे और बच्चों को अंकसूचियों का वितरण करेंगे।

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