मैत्री संघ मार्ग स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन का कार्यक्रम आज अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ

जगदलपुर =मैत्री संघ मार्ग स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन का कार्यक्रम आज अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम समस्त श्रद्धालुओं के आरोग्य एवं कल्याण की कामना के साथ सुबह सूर्य नमस्कार एवं भगवान सूर्य की आराधना से की गई। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान भास्कर की उपासना कर समस्त नगरवासियों के उत्तम स्वास्थ्य हेतु प्रार्थना की गई।
इसके पश्चात सर्व देवों में श्रेष्ठ मानी जाने वाली गौ माता का विधिवत पूजन किया गया। मुख्य यजमान संजय पाण्डेय एवं श्रीमती रेखा पाण्डेय सहित सभी भक्तगणों ने श्रद्धा भाव से गौ पूजा संपन्न कराई। वैदिक मंत्रों के माध्यम से गौ माता के प्रत्येक अंग में निवास करने वाले विभिन्न देवी-देवताओं का विधि पूर्वक पूजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं द्वारा गौ माता को गो-ग्रास अर्पित किया गया।
यज्ञ आचार्यों ने गौ पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि केवल मंत्रों से ही गौ सेवा का पुण्य प्राप्त नहीं होता, बल्कि प्रतिदिन श्रद्धा भाव से घर का शुद्ध एवं प्रथम बना भोजन अथवा पहली रोटी गौ माता को अर्पित करना अत्यंत पुण्यदायी होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घर का बचा हुआ या जूठा भोजन कभी भी गाय को नहीं खिलाना चाहिए। आचार्यों ने सभी से गौ संरक्षण एवं सेवा के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि गौ माता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है, इसलिए जो व्यक्ति सच्चे मन से गौ माता की सेवा एवं पूजन करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
गौ पूजा के उपरांत सभी श्रद्धालुओं द्वारा यज्ञ मंडप के पश्चिमी भाग में गौरी-गणेश का विधि-विधान से पूजन किया गया। यज्ञ आचार्यों ने सभी वार्डवासियों, जगदलपुर नगर के समस्त नागरिकों के सुख, शांति एवं समृद्धि के साथ-साथ सनातन धर्म के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था एवं भक्ति वृद्धि हेतु विशेष पूजन का संकल्प कराया।
इस अवसर पर आचार्यों ने बताया कि शास्त्रों में देव कार्य से भी पितृ कार्य को श्रेष्ठ माना गया है। तत्पश्चात यजमानों एवं आचार्यों को रक्षा सूत्र बांधकर यज्ञ विधि की पूजा संपन्न कराई गई। अंत में सभी देवी-देवताओं का स्थापना पूजन कर आरती एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई, जिसके साथ दूसरे दिन का यह पावन कार्यक्रम भक्ति एवं श्रद्धा के वातावरण में संपन्न हुआ।
पूजा में आचार्य रोमित राज त्रिपाठी, आचार्य शिव मिश्रा, आचार्य मानस रंजन दास, आचार्य हेमंत शर्मा, पंडित चंदन तिवारी, पंडित शुभंकर मिश्रा, पंडित मृत्युंजय, पंडित अर्जुन मिश्रा, पंडित तापस, मुख्य यजमान संजय पांडे, श्रीमती रेखा पांडे, सुकुमार धर, पी रंगाचार्य, राजेश महावर, देवेंद्र देवांगन, सुब्रा दास, नंदनी आचार्य, शारदा पटेल, अनीता कुंडू, अरुण राव, अभय राय, अर्चना शाह, देवाशीष चौधरी, धर्मेंद्र पटेल, गोविंद पाल, किरण सोनी, मुन्नी सिंह, मुरलीधर झा, रजनी पाठक, पूनम वर्मा, प्रवीण श्रीवास्तव, संध्या महावर, मंजू यादव, सुषमा ठाकुर, रंजन पांडे, स्वाति चटर्जी, लिलिमा शाह, पूजा घोष, भगवती बघेल, रजनी महावर, अभ्या शुक्ला, आशा शुक्ला, दीपा चौधरी, मंजू शुक्ला, शोभा धर, सुशीला देवी गुप्ता, अरुणा आचार्य सहित वार्डवासी अधिक संख्या में उपस्थित रहे।




