सुकमा

प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता को करते है सुदृढ़ – सीईओ जिला पंचायत  मुकुन्द ठाकुर

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत जनपद पंचायत सदस्यों का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न

सुकमा = 11 फरवरी 2026/ कलेक्टर  अमित कुमार के निर्देशन एवं  सीईओ जिला पंचायत  मुकुन्द ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के क्षमता विकास हेतु तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 11 फरवरी 2026 से जिला पंचायत संसाधन केंद्र, सुकमा में प्रारंभ होकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत  मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित होते हैं, तो विकास योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी तरीके से संभव हो पाता है।

उन्होंने आगे कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और इन्हें सशक्त बनाना सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें योजनाओं की बेहतर समझ दी जाए, ताकि सुकमा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद पंचायत सदस्यों को पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित विधिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय पहलुओं की गहन जानकारी प्रदान करना तथा उन्हें अपने दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए सक्षम बनाना था। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पंचायत राज अधिनियम, पेसा नियम , एलएसजीडी विषय, पंचायतों की आय वृद्धि , पंचायत आकलन सूचकांक , पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका एवं जिम्मेदारियां, विभिन्न शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभा की शक्तियां, वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक अंकेक्षण, स्थानीय विकास योजनाओं का निर्माण एवं उनकी निगरानी संबंधी विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से व्यावहारिक उदाहरणों सहित मार्गदर्शन दिया गया। प्रतिभागियों को समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र एवं अनुभव साझा करने के अवसर भी प्रदान किए गए, जिससे वे अपने क्षेत्र की समस्याओं एवं संभावनाओं पर विचार-विमर्श कर सके। विशेष रूप से ग्राम सभा की भूमिका को मजबूत करने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा जनभागीदारी को बढ़ाने पर जोर दिया गया।

प्रशिक्षण सत्र के अतिरिक्त प्रतिभागियों को पुनर्वास केंद्र सुकमा एवं साइंस पार्क सुकमा का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। पुनर्वास केंद्र में उन्होंने पूर्व प्रभावित व्यक्तियों के मुख्यधारा में शामिल होने की प्रक्रिया, कौशल विकास गतिविधियों एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से रूबरू हुए। वहीं साइंस पार्क में विज्ञान आधारित शिक्षा, नवाचार एवं जागरूकता गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता को समझा गया।

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