सुकमा

मनरेगा कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न- लंबित आधार ई-केवाईसी और अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के सीईओ जिला पंचायत ने दिए निर्देश

सुकमा =12 फरवरी 2026/ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत कलेक्टर  अमित कुमार के निर्देशन में गुरुवार 12 फरवरी 2026 को सीईओ जिला पंचायत  मुकुन्द ठाकुर ने समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक एवं ग्राम रोजगार सहायक उपस्थित थे।

बैठक में एजेण्डावार समीक्षा करते हुए मनरेगा के तहत विभिन्न प्रगतिरत एवं लंबित कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिले में कुल 60,774 सक्रिय श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनमें से 37,253 श्रमिकों का आधार ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है, जबकि 21,286 श्रमिकों का आधार ई-केवाईसी लंबित पाया गया। इस पर गंभीरता व्यक्त करते हुए संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम रोजगार सहायकों को निर्देशित किया गया कि वे शत-प्रतिशत आधार ई-केवाईसी एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

सीईओ श्री ठाकुर ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध प्रगति तथा पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले के प्रत्येक पात्र हितग्राही को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।

नरेगा सॉफ्ट में प्रदर्शित कुल 1,063 अपूर्ण कार्यों को 15 मार्च 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराने के निर्देश कार्यक्रम अधिकारियों, तकनीकी सहायकों एवं ग्राम रोजगार सहायकों को दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने पर जवाबदेही तय की जाएगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित नरेगा सॉफ्ट में दर्ज कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि प्रत्येक पात्र हितग्राही के आवास निर्माण में 90 मानवदिवस का लक्ष्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए, ताकि श्रमिकों को अधिकतम रोजगार उपलब्ध हो सके।

बैठक में “प्रोजेक्ट उन्नति” के अंतर्गत 61 से 100 दिवस कार्य पूर्ण कर चुके श्रमिकों का चयन कर उन्हें राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान करने पर भी जोर दिया गया। प्रत्येक जनपद पंचायत से 35-35 श्रमिकों को चयनित कर प्रशिक्षण स्थल आरसीटी में अनिवार्य रूप से उपस्थित कराने के निर्देश तकनीकी सहायकों एवं ग्राम रोजगार सहायकों को दिए गए। इसका उद्देश्य श्रमिकों के कौशल उन्नयन के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए युक्तधारा पोर्टल में प्रस्तावित कार्यों की शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश समस्त तकनीकी सहायकों को दिए गए, ताकि आगामी वर्ष की कार्ययोजना समय पर तैयार हो सके।

इसके अतिरिक्त स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम एवं जीडब्ल्यूएम) से संबंधित कार्यों की स्वीकृति हेतु आवश्यक दस्तावेज दो दिवस के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

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