जगदलपुर

देवी भागवत कथा नहीं साधना है : भारद्वाज मां दंतेश्वरी मंदिर में श्रीमद देवी भागवत महापुराण शुरू

मूर्ति स्थापना के साथ प्रज्वलित की गई ज्योत

जगदलपुर  =मां दंतेश्वरी मंदिर में आयोजित श्रीमद देवी भागवत महापुराण शुरू हो गया है। बुधवार को देर शाम शोभायात्रा के बाद जहां अनुष्ठान स्थल दंतेश्वरी मंदिर की यज्ञशाला में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई , वहीं अखण्ड ज्योत प्रज्वलित करने के बाद जँवारा बोया गया।

गुरुवार को कथा बाचते हुए बनारस में पधारे आचार्य सुमित भारद्वाज ने कहा कि देवी भागवत महापुराण कथा नहीं अपितु साधना है। गंगाजी में डुबकी लगाने से पाप भले नष्ट हो जाए लेकिन पाप करने की क्रिया खत्म नहीं होती, वहीं श्रीमद देवी भागवत महापुराण की साधना व्यक्ति को पाप से मुक्त तो करता है, साथ ही पाप कर्म त्याग सदमार्ग पर चलने की सतत प्रेरणा देता है। यह भी जान लें कि मंत्र किसी को सुनाने की प्रक्रिया नहीं अपितु आत्मशुद्धि का साधन है।

🚩मां है ज्योतिर्मय

मां की महिमा सुनाते हुए ब्यास पीठ से आचार्य सुमित ने कहा कि माता का कोई स्वरूप नहीं है। वह ज्योतिर्मय है। पहले मूर्तियां नहीं होती थी, तब भी माता की आराधना होती रही है।

मां ही प्रकृति है, वही दुर्गा, वही दंतेश्वरी है।

➡️निकली है शैलपुत्री की पालकी

कथा के दौरान शाम 6 बजे मां दंतेश्वरी चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया उसके बाद देवी के पहले रूप मां शैलपुत्री की नगर में प्रथम पालकी निकाली गई। बताते चलें कि मां दंतेश्वरी मंदिर में चल रहे श्रीमद देवी भागवत महापुराण का यू ट्यूब पर सीधा प्रसारण किया जा रहा है। इसे श्री सुमित भारद्वाज साइड पर देखा जा सकता है।

➡️आज के अनुष्ठान

देवी भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को मां ब्रह्मचारिणी महात्म, महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती व दुर्गा उत्पत्ति, सृष्टि उत्पत्ति कथा, नवरात्रि विधान नियम के बाद दंतेश्वरी चालीसा के बाद माता की दूसरी पालकी निकाली जाएगी।

 

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