नारी को अबला समझना पुरुष प्रधान समाज की सबसे बड़ी गलती
पौधरोपण करें पर भावना तुलसी के पौधे जैसी हो दो संगठन के लोगों ने निकाली मां कात्यायनी पालकी

जगदलपुर = मां दंतेश्वरी मंदिर में चल रहे श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के सातवें दिन भक्तों द्वारा माता कात्यायनी के साथ तुलसी की पूजा- अर्चना की गई, वहीं दो संगठन के लोगों ने नगर में मां कात्यायनी की पालकी निकाली। इस मौके पर कथा वाचक आचार्य सुमित भारद्वाज ने कहा कि पुरुष प्रधान समाज की सबसे बड़ी गलती यही है कि वह नारी को अबला अर्थात निर्बल समझता है, वहीं दूसरी तरफ यह भी कहता है की नारी तू नारायणी है, फिर भ्रम पाले क्यों बैठे हैं? नारी का सम्मान जितना सनातन में है। वह कहीं और नहीं होता। नारी का सबसे बड़ा सम्मान चरित्र है और यही सतीत्व ही उन्हें मां अनुसूया बनती है। जिन्होंने अपने स्त्रीत्व के प्रभाव से ही भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश को शिशु बना स्तनपान कराया था।
कथा बांचते हुए आचार्य ने कहा कि त्रिलोक विजेता महिषासुर ने भी नारी को अबला मान यह वरदान मांगा था कि उसकी मौत होगी तो स्त्री के हाथ से, किंतु माता भगवती ने उसका भ्रम ही नहीं तोड़ा, अपितु उसका सर्वत्र नाश कर दिया। आज भी पुरुष प्रधान समाज नारी को अबला मान अपना भ्रम तोड़ नहीं पाया है।
➡️तुलसी पौधा नहीं आंगन की देवी
भागवत कथा के दौरान मंगलवार को माता तुलसी की विशेष पूजा अर्चना की गई। तुलसी महात्म की कथा बाँचते हुए सुमित महाराज ने कहा कि आज सरकार के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पौधारोपण किया जाता है, लेकिन पौधरोपण सफल नहीं हो रहा। उसका कारण यह है कि पौधे के प्रति हमारी भावना सकारात्मक नहीं है। आज पौधरोपण कार्यक्रम फोटो सेशन का माध्यम बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि जब तक रोपे गए पौधे के प्रति हमारी भावना तुलसी की तरह पवित्र नहीं होगी, किसी भी तरह का पौधारोपण सफल नहीं हो सकता।
➡️मां कात्यायनी ने किया नगर भ्रमण
श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के सातवें दिन मंगलवार को मां कात्यायनी महत्व, श्री राधारानी, मां गंगा उत्पत्ति तथा उनकी कथा सुनाई गई, वहीं सामूहिक रूप से दंतेश्वरी चालीसा का पाठ किया गया। तत्पश्चात दंतेश्वरी सेवा वाहिनी की नारी शक्तियों द्वारा मां भवानी मां कात्यायनी की पालकी नगर में निकाली गई। बताते चलें कि सोमवार शाम को देवांगन समाज द्वारा मां स्कंदमाता की पालकी निकाली गई थी। इस मौके पर समाज के अध्यक्ष राजेंद्र देवांगन के अलावा नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
➡️आज के अनुष्ठान
श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के तहत बुधवार को मां कालरात्रि महात्म, शंखचूर्ण दैत्य की कथा और नर्कों का वर्णन किया जाएगा, तत्पश्चात सामूहिक रूप से मां दंतेश्वरी चालीसा का पाठ करने के बाद माता कालरात्रि की पालकी निकाली जाएगी।



