जगदलपुर

नवरात्रियों पर मंदिर जाने वाले देवी के नहीं मान्यताओं के भक्त संपत्ति में ग्रहण तब लगता है जब उसका दुरुपयोग हो 

भक्तों ने नगर में निकाली मां कालरात्रि की पालकी 

जगदलपुर =मां दंतेश्वरी मंदिर की यज्ञशाला में चल रहे श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के आठवें दिन बुधवार को नवरात्रि महात्म, मां कालरात्रि महिमा के साथ दैत्य शंखचूर्ण की कथा सुनाई गई। इसके साथ ही पांच सुहागन स्त्रियों की कुमकुम पूजा की गई। शाम को भक्तों ने मां कालरात्रि को पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण कराया।

इस मौके पर वाराणसी से पधारे आचार्य सुमित भारद्वाज ने नवरात्रि महात्म की कथा सुनाते हुए कहा कि सिर्फ नवरात्रियों पर मंदिर जाने वाले देवी के भक्त नहीं, अपितु मान्यताओं के भक्त होते हैं। हमें माता के आराधना नित्य करनी चाहिए। वह जननी है। जो लोग दिन विशेष पर ही माता के पास जाते है, वे सिर्फ औपचारिकता निभाते हैं। याद रखें पूरा संसार जगदंबा से ही प्रकट हुआ है।

कथा वाचक ने कहा कि मां महाकाली महालक्ष्मी और मां सरस्वती तीनों का एक स्वरूप है जगदंबा। जो व्यक्ति लक्ष्मी को अपनी सेवा के लिए गलत कृत्यों में लगाते हैं। वहां लक्ष्मी नहीं टिकती। मां लक्ष्मी नारायण की सेवा करती हैं और जो व्यक्ति धन संपत्ति को सेवा कार्य में नहीं लगा अपने स्वार्थ में खर्च करता है। वह नारायण का भक्त नहीं हो सकता। संपत्ति में ग्रहण तब लगता है जब इसका दुरुपयोग हो।

कथावाचक ने कहा कि हमें पांच ग्रास करना चाहिए। अतिथि, गाय, कुत्ता, चीटियों और ब्राह्मण को भोजन कराने से अनजाने में हुआ पाप नष्ट हो जाता है। सनातन धर्म भी हमें अपने साथ जीव जंतुओं की सेवा की प्रेरणा देता आया है।

➡️चेहरा देख फैसला न करें

कथा बांचते हुए आचार्य सुमित भारद्वाज ने कहा कि रूप छीना जा सकता है, पर गुण छीना नहीं जा सकता। वैवाहिक निर्णय लेते समय भी रूप नहीं गुण देखकर हमें निर्णय करना चाहिए। वेद- पुराण के दृष्टांत हमें सचेत करते हैं। इन्हें हमें आत्मसात करना चाहिए। ऐसा करने पर ही हम चिंता मुक्त रहेंगे। टेक्नोलॉजी ने दुनिया को एक हद तक विकृत कर दिया है संसार संस्कार से ही संवरेगा। एआई जब से आई, तब से इसका उपयोग कम दुरुपयोग अधिक हो रहा है। यह दोष दूसरों को न दे, चूंकि ऐसा करने वाले हमारे आपके बच्चे ही हैं।

➡️हुई कुमकुम पूजा

भागवत कथा के तहत बुधवार शाम पांच सुहागन माता की कुमकुम पूजा की गई तत्पश्चात सामूहिक रूप से मां कालरात्रि की पूजा पक्ष सामूहिक रूप से दंतेश्वरी चालीसा का पाठ किया गया तत्पश्चात माता की पालकी नगर में निकाली गई।

➡️आज के अनुष्ठान

श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के तहत 26 फरवरी गुरुवार को मां महागौरी महात्म, मनसा देवी कथा, रुद्राक्ष उत्पत्ति व उसकी महिमा, गायत्री महिमा सुनाई जाएगी। इसके साथ ही मां महागौरी की पालकी निकाली जाएगी

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button