अब नक्सलवाद से नहीं, विकास कार्यों से होगा जिले की पहचान- कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए निर्देश
कलेक्टर अमित कुमार ने निर्माण कार्यों के लिए तय की डेडलाइन

नियद नेल्लानार क्षेत्र के विकास को लेकर प्रशासन सख्त
सुकमा = नियद नेल्लानार क्षेत्र के गांवों में विकास कार्यों को तेज़ी देने के लिए सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर अमित कुमार की अध्यक्षता में सरपंच-सचिव और अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर भी मौजूद रहे। साढ़े छह घंटे चली इस मैराथन बैठक में जिले के 159 चिन्हित गांवों में विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नक्सल प्रभावित रहे इन क्षेत्रों में अब विकास कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। सड़क, बिजली, पेयजल, राशन वितरण, आंगनवाड़ी भवन, पंचायत भवन और स्कूल भवन सहित सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। साथ ही ग्रामीणों के आवश्यक दस्तावेज शिविर लगाकर तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि सभी पुराने निर्माण कार्य मई माह तक गुणवत्ता के साथ पूर्ण होने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी शासकीय कर्मचारी द्वारा कार्यों में या ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्यों में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर निलंबन के साथ ही दंडात्मक कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने संबंधित पंचायतों से विकास कार्यों के लिए माँग पत्र भी भेजने कहा। 
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ काम करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा या बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।




