सर्व नाई समाज में उपजे विवाद के बीच समाज के पदाधिकारियों ने रखी अपनी बात

जगदलपुर =सर्व नाई समाज द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संघ के अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने अहम बयान दिया। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था का पंजीयन क्रमांक 590 है और शुरू से लेकर अब तक सभी चुनाव और समाज के कार्य इसी संघ के बायलॉज के आधार पर किए जाते रहे हैं। संघ में 300 से अधिक नाई समाज के लोग जुड़े हुए हैं। छत्तीसगढ़ सहित उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना आदि राज्यों से आकर जगदलपुर में अपने पुश्तैनी पेशे के तहत अपना रोजगार संचालित कर रहे हैं। इनकी आर्थिक स्थिति और सामाजिक उत्थान के लिए समाज के पूर्वजों ने दशकों पहले सर्व नाई समाज संघ का गठन किया था। पदाधिकारियोंने बताया कि समाज के लिए जमीन आवंटन से लेकर भवन निर्माण तक के सभी कार्य पंजीकृत संस्था के उप नियमों के तहत ही संपन्न हुए हैं और आगे भी संस्था इसी आधार पर कार्य करती रहेगी। अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सर्व नाई समाज संघ के बायलॉज के प्रावधानों के तहत संस्था में उन लोगों की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी जो किसी अन्य संघ से जुड़े हुए हैं। साथ ही, जो व्यक्ति दो अलग-अलग संघों में सदस्य हैं, उन्हें भी संस्था में सदस्यता नहीं दी जाएगी।
उन्होंने हाल में उपजे विवाद पर प्रकाश डालते कहा कि पंजीयन क्रमांक 82 के तहत गठित नए संघ में जुड़े लोगों के साथ भी उनका परस्पर सहयोग बना हुआ है। बावजूद इसके चूँकि सर्व नाई समाज संघ एक सर्वमान्य एवं स्वतंत्र संस्था है जोकि अपने बायलॉज के आधार पर संस्था का संचालन करेंगे। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि पंजीयन क्रमांक 82 के तहत गठित किसी अन्य संस्था के बायलॉज के अंतर्गत चुनाव कराए जाने एवं हमारे पंजीकृत सदस्यों को चुनाव का हिस्सा बनाने का जिला बस्तर सर्व नाई समाज संघ पुरजोर विरोध करते हुए उसका खंडन करता है। इस दौरान उपस्थित सर्व नाई समाज के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम श्रीवास, परमेश्वर ठाकुर, भास्कर राव, राजू राव, सरोज श्रीवास, कृष्ण ठाकुर, अनिल ठाकुर, राम लखन ठाकुर, कृष्ण राव, शेखर ठाकुर, अशर्फी ठाकुर, प्रेमजीत आदि ने कहा कि फिलहाल सर्व नाई समाज के भीतर पंजीयन और चुनाव को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है, जिसका असर आने वाले समय में समाज की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।




