स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 7 अप्रैल से हर नागरिक की होगी मुफ्त स्वास्थ्य जाँच

जगदलपुर = 03 अप्रैल बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को चिकित्सा सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य शासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आगामी 7 अप्रैल से पूरे संभाग में “स्वस्थ बस्तर अभियान” का आधिकारिक शंखनाद किया जा रहा है। सार्वभौमिक स्वास्थ्य जांच एवं निरंतर स्वास्थ्य देखभाल के इस वृहद कार्यक्रम के अंतर्गत बस्तर के सभी सात जिलों की शत-प्रतिशत आबादी को स्वास्थ्य कवच के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके तहत संभाग के प्रत्येक नागरिक का न केवल विस्तृत परीक्षण किया जाएगा, बल्कि उनका एक व्यक्तिगत डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल भी तैयार होगा, जिससे भविष्य में उनके उपचार की निरंतरता बनी रहे।
स्वस्थ्य बस्तर अभियान की सफलता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। गुरुवार को जगदलपुर स्थित कमिश्नर कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। इस कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि पहुंचविहीन और दुर्गम वन क्षेत्रों में रहने वाली जनता को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए गांवों, टोलों और पारों की शत-प्रतिशत मैपिंग पूर्ण कर ली गई है। मैदानी स्तर पर जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति में गंभीर बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं, तो उन्हें बिना किसी विलंब के उच्च स्तरीय उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों या सीधे मेडिकल कॉलेज के लिए संदर्भित किया जाएगा, ताकि उन्हें समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा मिल सके। अभियान के संचालन में पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए इस बार डिजिटल तकनीक का व्यापक सहारा लिया जा रहा है। एनआईसी द्वारा विकसित एक विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वास्थ्य डेटा की प्रविष्टि की जाएगी, जिससे राज्य स्तर पर रोजाना हो रही प्रगति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की कमान डॉ. सुरेन्द्र पामभोई, संचालक स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर एवं महामारी नियंत्रण के नेतृत्व में गठित राज्य स्तरीय कोर टीम को सौंपी गई है, जबकि संभाग के सातों जिलों के लिए पृथक-पृथक जिला प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति कर जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
स्थानीय स्तर पर सामुदायिक जुड़ाव बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा विशेष रणनीति तैयार की गई है, जिसके तहत बस्तर की स्थानीय बोलियों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। समीक्षा बैठक में आयुष्मान कार्ड कवरेज को शत-प्रतिशत करने के साथ-साथ दवाओं और डायग्नोस्टिक किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर को पूरे कार्यक्रम के समयबद्ध क्रियान्वयन और गुणवत्ता प्रबंधन के लिए मुख्य समन्वयक बनाया गया है। इस अभियान के माध्यम से शासन का लक्ष्य बस्तर के दुर्गम अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को इतना मजबूत बनाना है कि कोई भी नागरिक उपचार के अभाव में वंचित न रहे।



