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सोशल मीडिया से दूरी और सही दिशा में धैर्यपूर्ण मेहनत ही सफलता की असली कुंजी-कलेक्टर  आकाश छिकारा

कलेक्टर ने ज्ञानगुड़ी के बच्चों को दिए सफलता के टिप्स

जगदलपुर = 03 अप्रैल बस्तर जिले के नवाचारी कोचिंग केंद्र ‘ज्ञानगुड़ी’ में उस समय उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब कलेक्टर श्री आकाश छिकारा नीट, नर्सिंग और पीएटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचे। इस दौरान उन्होंने न केवल बच्चों के साथ परीक्षा की तैयारियों पर गंभीर चर्चा की, बल्कि अपने बचपन की पढ़ाई और संघर्ष के उदाहरण साझा करते हुए उन्हें सफलता का मार्ग भी दिखाया। कलेक्टर ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान में आपके सामने जो अवसर है, उसे तुरंत पूरी ऊर्जा के साथ भुनाएं, क्योंकि समय बीत जाने के बाद पछतावे का कोई मोल नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक छात्र की सफलता और उसका आत्मनिर्भर बनना ही उसके माता-पिता और समाज के लिए सबसे बड़ा उपहार है। तैयारी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने ‘स्मार्ट स्टडी’ पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे दस अलग-अलग किताबें पढ़ने के बजाय एक ही अच्छी किताब को दस बार पढ़ें, ताकि अवधारणाएं पूरी तरह स्पष्ट हो सकें। उन्होंने तैयारी के क्रम को समझाते हुए कहा कि पहले सरल भाग को पूरा करें, फिर मध्यम और अंत में कठिन विषयों पर ध्यान केंद्रित करें। प्रतिदिन 300 से 400 एमसीक्यू हल करने की आदत डालें, क्योंकि निरंतर अभ्यास से कठिन से कठिन प्रश्न भी सरल लगने लगते हैं। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सूत्र देते हुए कहा कि “जितना ज्यादा आप मेहनत करेंगे, उतने ही आप लकी होते जाएंगे,” क्योंकि मेहनत और भाग्य का सीधा संबंध है।

कलेक्टर श्री छिकारा ने छात्रों को विशेष रूप से ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ के अनुसार खुद को ढालने की सलाह दी। उन्होंने समझाया कि यदि परीक्षा का समय दोपहर 2 से 5 बजे का है, तो छात्र अभी से उसी समय अंतराल में बैठकर गहन पढ़ाई का अभ्यास करें। ऐसा करने से परीक्षा के दिन दिमाग और शरीर का तालमेल सटीक बैठता है और थकान के बावजूद मांसपेशियां स्वतः काम करने लगती हैं। इसके साथ ही उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रतिदिन 10-15 मिनट का शारीरिक व्यायाम करने और “सबसे बड़ा रोग, क्या कहेंगे लोग” जैसी नकारात्मक सोच से दूर रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि दूसरों के विचारों के बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि आपका ऊंचा लक्ष्य ही आपको ऊंचाइयों तक ले जाएगा। अंत में सोशल मीडिया और मोबाइल के दुष्प्रभावों पर सचेत करते हुए कलेक्टर ने छात्रों से कहा कि वे इस समय मोबाइल और अनावश्यक दोस्ती से पूरी तरह दूरी बना लें और अपना फोन अपने माता-पिता को सौंप दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पढ़ाई एक ऐसा क्षेत्र है जहां अमीर और गरीब का अंतर समाप्त हो जाता है और केवल मेहनत की जीत होती है। जिला प्रशासन की ओर से शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या का निराकरण किया जाएगा। इस प्रेरक सत्र के दौरान ज्ञानगुड़ी के प्रभारी  अलेक्जेंडर चेरियन सहित  श्रीनिवास राव,  मनीष श्रीवास्तव और  संजीव बिस्वास सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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