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डिजिटल मॉनिटरिंग की ओर बड़ा कदम: वनमंत्री केदार कश्यप ने ‘Preliminary Offence Report (POR)’ का किया शुभारंभ

वन मंत्री केदार कश्यप का एक्शन मोड: हर योजना जमीन पर, हर पीड़ित को तुरंत राहत

➡️“काम दिखना चाहिए”—वन मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को दिया सख्त संदेश

➡️वन, वन्यजीव और विकास पर बड़ा फोकस—केदार कश्यप की सख्ती से बढ़ेगी रफ्तार

➡️जनता के हक और जंगल की सुरक्षा पर फोकस—केदार कश्यप का स्पष्ट विजन

➡️वनमंत्री केदार कश्यप सख्त एक्शन मोड में: समयबद्ध विकास, वन सुरक्षा और रोजगार पर दिया जोर

➡️समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश—काम में देरी नहीं चलेगी, जमीनी स्तर पर दिखे परिणाम

रायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने आज नवा रायपुर अरण्य भवन में आयोजित मुख्य वन संरक्षक एवं वन मंडलाधिकारियों का बैठक लेकर कैम्पा ए.पी.ओ. सहित विभिन्न एजेंडों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, चुनौतियों एवं उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की साथ ही इस अवसर पर वनमंत्री कश्यप ने “प्रेलिमिनरी ऑफन्स रिपोर्ट (POR)” का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में गति, पारदर्शिता और परिणाम अब प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखाई दे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

वनमंत्री ने केम्पा (CAMPA) कार्यों में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के सभी स्वीकृत कार्यों का 100 प्रतिशत खर्च सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि फंड लैप्स जैसी स्थिति स्वीकार्य नहीं होगी।

भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने ‘लैंड बैंक’ की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि विकास कार्यों के लिए जमीन समय पर उपलब्ध हो सके। वन्य प्राणी प्रबंधन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने खर्च बढ़ाने और कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए, साथ ही डीएफओ की जवाबदेही तय करने की बात कही।

इको-टूरिज्म को लेकर मंत्री कश्यप ने स्पष्ट गाइडलाइन जल्द जारी करने के निर्देश दिए, ताकि पीपीपी मॉडल के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। तेंदूपत्ता संग्रहण को लेकर उन्होंने कहा कि संग्राहकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें उचित मूल्य व सुविधाएं मिलें।

वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने और ‘जी राम योजना’ के तहत नर्सरियों में बड़े पौधे तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक पौध वितरण हो सके।

वनमंत्री ने अवैध शिकार, अवैध कटाई और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि इन पर रोक लगाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। गर्मी के मौसम में जंगलों में आग की घटनाओं को देखते हुए उन्होंने फील्ड स्टाफ की सक्रियता बढ़ाने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

वन अधिकार पत्रों के मामलों में पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों को ही लाभ देने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, वन्य प्राणियों से जनहानि के मामलों में मुआवजा भुगतान में देरी न हो, इसके लिए संवेदनशीलता के साथ त्वरित स्वीकृति देने के निर्देश दिए।

बैठक में मंत्री कश्यप ने स्पष्ट कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका धरातल पर प्रभाव दिखना चाहिए। उन्होंने विभाग को रोजगार सृजन, वन आधारित उद्योगों के विस्तार और राज्य की पहचान मजबूत करने की दिशा में ठोस काम करने के लिए प्रेरित किया।

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