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विधायक  किरण सिंह देव और आईजी  सुंदरराज पी ने जिले के लिए ग्यारह ‘अत्याधुनिक डायल 112’ और फॉरेंसिक मोबाइल वैन को दिखाई हरी झंडी

बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था को मिली तकनीकी मजबूती*

जगदलपुर = 20 मई विधायक  किरण सिंह देव और आईजी  सुंदरराज पी ने बस्तर जिले के लिए ग्यारह ‘अत्याधुनिक डायल 112’ और फॉरेंसिक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर कर रवाना किया। लालबाग मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री देव, महापौर श्री संजय पांडे, नगर निगम के सभापति  खेम सिंह देवांगन, आईजी  सुंदरराज पी, कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित जवान उपस्थित रहे । अतिथियों ने डायल 112 के मोबाइल वैन का विधिवत पूजा-अर्चना कर वैन में लगे आधुनिक संसाधनों के बारे जानकारी ली।

ज्ञात हो कि 18 मई को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजधानी रायपुर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में छत्तीसगढ़ की ‘अत्याधुनिक डायल 112’ आपातकालीन सेवा तथा आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य की आपातकालीन सहायता प्रणाली का विस्तार करना और नए आपराधिक कानूनों के तहत वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमता को मजबूत करना है।

प्रदेश में वर्ष 2018 से संचालित डायल 112 आपात सेवा का दायरा बढ़ाते हुए इसे अब राज्य के सभी 33 जिलों में पूरी तरह लागू कर दिया गया है, जो पहले केवल 16 जिलों तक सीमित थी। इस नए और उन्नत चरण के तहत संपूर्ण व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और त्वरित बनाया गया है। सुरक्षा मानकों और सहायता क्षमता को मजबूत करने के लिए डायल 112 सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्थान पहचान तकनीक को जोड़ा गया है, जिससे संकट में फंसे व्यक्ति की वास्तविक भौगोलिक स्थिति का सटीक पता लगाया जा सकेगा।

इसके साथ ही आपातकालीन कॉल और आंकड़ों का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए सिविल लाइंस स्थित प्राथमिक नियंत्रण केंद्र के अतिरिक्त नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में वैकल्पिक बैकअप प्रणाली पर आधारित दूसरा नियंत्रण केंद्र भी सक्रिय किया गया है। यह केंद्र किसी भी तकनीकी समस्या या आपदा की स्थिति में स्वतः बैकअप के रूप में कार्य करेगा। अब राज्य के नागरिक पारंपरिक दूरभाष कॉल के अलावा ‘112 इंडिया अनुप्रयोग’, संकट संकेत सेवा, लघु संदेश सेवा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवाद प्रणाली, ईमेल, वेब अनुरोध तथा सामाजिक माध्यमों के जरिए भी आपातकालीन सहायता प्राप्त कर सकेंगे। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था में पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा तथा महिला सहायता हेल्पलाइन को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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