नक्सलवाद के काले साए से निकलकर राष्ट्रीय पटल पर चमका सुकमा
मिनपा उप स्वास्थ्य केंद्र को मिला राष्ट्रीय NQAS सर्टिफिकेट

➡️कलेक्टर पहुँचे मिनपा, स्वास्थ्य कर्मचारियों को किया सम्मानित
सुकमा =कभी घने जंगलों, दुर्गम रास्तों और नक्सलवाद के काले साए के लिए जाना जाने वाला सुकमा जिले का मिनपा क्षेत्र आज विकास की एक नई और गौरवशाली इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व, सुदृढ़ प्रशासनिक इच्छाशक्ति और ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बस्तर की एक बेहद सुखद तस्वीर सामने आई है। विपरीत हालातों के बीच कभी एक अदनी सी झोपड़ी से शुरू हुआ स्वास्थ्य सेवाओं का सफर आज राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो चुका है। क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्र मिनपा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 94.93% अंकों के साथ प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक’ (NQAS) सर्टिफिकेट हासिल किया है, जो नक्सलवाद को पीछे छोड़ते हुए विकास की राह पर बढ़ते बदलते बस्तर का जीता-जागता प्रतीक है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर स्वास्थ्य वीरों का उत्साहवर्धन करने के लिए कलेक्टर अमित कुमार स्वयं मैदानी भ्रमण के दौरान उप स्वास्थ्य केंद्र मिनपा पहुँचे। उनके साथ जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर भी थे। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानते हुए अनुकरणीय सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों—सीएचओ अंजलि, एएनएम अमिता नुप्पो, द्वितीय एएनएम राजेश्वरी मड़कम और सेक्टर इंचार्ज मुकेश बक्सी को साल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। कलेक्टर ने इस पल को पूरे जिले के लिए ऐतिहासिक और अत्यंत गौरवशाली बताते हुए कहा कि एक समय इस अंदरूनी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना भी बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज प्रशासनिक तत्परता और टीम वर्क से हम सुदूर अंचलों की तस्वीर बदलने में पूरी तरह कामयाब हो रहे हैं। इस सम्मान समारोह के दौरान जिला सीईओ सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रशासन की सक्रियता से साल 2024 में जो पुरानी झोपड़ी एक भव्य और अत्याधुनिक स्वास्थ्य भवन में तब्दील हुई थी, वह आज मिनपा सहित दुलेड़, एलमागुंडा, भटपाड़, पोट्टेमडगू, टोंडामरका और गुंडराजपाड़ जैसे धुर नक्सल प्रभावित और दुर्गम गांवों के लगभग 3,593 ग्रामीणों के लिए ‘संजीवनी केंद्र’ बन चुकी है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले इस NQAS सर्टिफिकेशन ने प्रमाणित किया है कि इस सुदूर केंद्र में उन्नत प्रयोगशाला, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और रोगी संतुष्टि के कड़े मानकों का पूरी परिचालन दक्षता के साथ पालन हो रहा है। चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले समर्पित स्टाफ और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के दम पर प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को हर गरीब की पहुंच में लाकर बस्तर के नागरिकों का तंत्र पर विश्वास और मजबूत किया है।



