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उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़ी कार्रवाई: चीतल के दो शिकारी गिरफ्तार, मांस और शिकार के हथियार जब्त

वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन्यजीव संरक्षण को लेकर सख्त कार्रवाई

➡️एंटी पोचिंग टीम और स्निफर डॉग ‘टीना’ की मदद से वन विभाग को मिली बड़ी सफलता

रायपुर = उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में चीतल का शिकार करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चीतल का मांस, शिकार में प्रयुक्त हथियार एवं अन्य वन्यजीव अवशेष बरामद किए गए हैं।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के निदेशक गुरुनाथन एन. के नेतृत्व में एंटी पोचिंग टीम को 21 जून को सूचना मिली कि कोर क्षेत्र के ग्राम अमाड़ में किसी वन्यप्राणी का अवैध शिकार किया गया है। सूचना मिलते ही टीम ने सर्च वारंट प्राप्त कर संदिग्धों के घरों में छापेमारी की। तलाशी के दौरान आरोपी नरेश कुमार भुजिया एवं बालाराम सोरी के घरों से चीतल का पका हुआ मांस, खून से सने 4 तीर एवं 2 धनुष, 2 धनुष-गुलेल, खरगोश पकड़ने के 5 फंदे, 7 मोर पंख, 4 बाज के पंख तथा शिकार में प्रयुक्त अन्य सामग्री बरामद की गई।

पूछताछ के दौरान आरोपी नरेश कुमार भुजिया ने स्वीकार किया कि उसने 17 जून 2026 को तारीपानी घाट क्षेत्र में तीर-धनुष से चीतल का शिकार किया था। आरोपियों की निशानदेही पर घटना स्थल का सत्यापन किया गया तथा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 31, 39, 50, 51 एवं 52 के अंतर्गत वन अपराध दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जिला एवं अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

बरामद मांस के नमूनों को वैज्ञानिक परीक्षण हेतु विधिवत सील कर मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ भेजा गया है, जिससे प्रकरण में वैज्ञानिक साक्ष्य भी उपलब्ध हो सकें।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीवों के संरक्षण और संरक्षित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वन्यजीवों के शिकार, तस्करी और अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है और इसमें स्थानीय समुदायों की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस कार्रवाई में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम, उत्तर उदंती वन परिक्षेत्र के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा डॉग स्क्वाड की स्निफर डॉग ‘टीना’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सतर्कता, समन्वय और त्वरित कार्रवाई से वन विभाग को यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।

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