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बस्तर के दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने वाले शिक्षकों को नमन : सांसद महेश कश्यप

शिक्षा ने नक्सलवाद के खिलाफ वैचारिक लड़ाई में निभाई अहम भूमिका : सांसद महेश कश्यप

➡️शिक्षक केवल ज्ञान नहीं देते, वे समाज और राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं : सांसद महेश कश्यप

➡️नक्सलवाद के दौर में बस्तर के शिक्षकों ने बंदूक के साये में भी जलाए शिक्षा के दीप,आज नक्सल मुक्त बस्तर में शिक्षा को मिल रही नई उड़ान

जगदलपुर = शिक्षक दिवस के अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने समस्त शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। महान शिक्षाविद एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाने वाला शिक्षक दिवस हमें गुरु के प्रति सम्मान और शिक्षा के महत्व का स्मरण कराता है।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर की धरती पर शिक्षकों की भूमिका सामान्य परिस्थितियों से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण रही है। नक्सलवाद के कठिन दौर में जब कई क्षेत्रों में भय का वातावरण था, स्कूलों को निशाना बनाया जाता था और बच्चों की शिक्षा बाधित करने का प्रयास किया जाता था, तब भी अनेक शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय गांव गांव जाकर बच्चों को पढ़ाया और शिक्षा की लौ जलाए रखी।

उन्होंने कहा कि बस्तर के उन शिक्षकों का योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा, जिन्होंने नक्सल हिंसा के बीच भी शिक्षा को हथियार बनाया। कई शिक्षकों ने अपनी जान तक गंवाई, लेकिन उनके द्वारा शुरू की गई शिक्षा की यात्रा रुकी नहीं। उनके साहस और समर्पण ने यह साबित किया कि नक्सलवाद बंदूक के बल पर बच्चों के भविष्य को नहीं रोक सकता।

सांसद ने कहा कि नक्सलवाद केवल हिंसा की समस्या नहीं थी, बल्कि यह बस्तर के बच्चों को शिक्षा, विकास और मुख्यधारा से दूर रखने वाली विचारधारा भी थी। शिक्षकों ने बच्चों को किताबों से जोड़कर इस विचारधारा को सबसे मजबूत चुनौती दी। शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी में लोकतंत्र, संविधान, विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना मजबूत हुई।

उन्होंने कहा कि आज बस्तर नक्सलवाद के प्रभाव से निर्णायक रूप से मुक्त हो चुका है और अब क्षेत्र विकास तथा शिक्षा की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिन इलाकों में कभी बंदूक और बारूद का भय था, वहां अब स्कूल, सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और विकास की नई संभावनाएं पहुंच रही हैं।

महेश कश्यप ने कहा कि हमारा संकल्प है कि बस्तर के किसी भी बच्चे की शिक्षा केवल उसके गांव की भौगोलिक स्थिति या अतीत की परिस्थितियों के कारण बाधित न हो। दूरस्थ एवं पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर स्कूल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक उपलब्धता और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का आधार है। बस्तर के शिक्षक इसी भावना के साथ नई पीढ़ी को शिक्षित कर रहे हैं।

सांसद महेश कश्यप ने शिक्षक दिवस पर बस्तर के सभी शिक्षकों को नमन करते हुए कहा कि जिन शिक्षकों ने नक्सलवाद के कठिन दौर में भी शिक्षा की मशाल बुझने नहीं दी, वे बस्तर के वास्तविक नायक हैं। अब उसी शिक्षा की रोशनी में विकसित, शिक्षित और सशक्त बस्तर का निर्माण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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