जगदलपुर

धरमपुरा खेल परिसर में जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का भव्य आयोजन बस्तर में गूंजा शिक्षा और संस्कारों का संकल्प

जगदलपुर = 24 जुलाई धरमपुरा स्थित खेल परिसर में जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन अत्यंत उत्साहजनक माहौल में संपन्न हुआ। इस गरिमामय समारोह में बस्तर के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, पालकों और नव-प्रवेशी बच्चों ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन के दौरान नए बच्चों का तिलक लगाकर और पुस्तक भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे पूरा परिसर बच्चों की खिलखिलाहट और ‘जय हिंद, जय भारत’ के देशभक्ति जयघोष से गूंज उठा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जगदलपुर विधायक  किरण सिंह देव ने नव-प्रवेशी बच्चों को स्नेह व आशीर्वाद दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छात्र जीवन मनुष्य के जीवन का स्वर्णिम काल होता है, जो जीवन में केवल एक ही बार आता है। राष्ट्र निर्माण में बच्चों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सही उपयोग करने तथा पूरी मेहनत व लगन के साथ पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित माता-पिता और अभिभावकों से भी आत्मीय अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने अपने प्रेरणादायी और ओजस्वी उद्बोधन से सभी में एक नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का सहर्ष स्वागत करते हुए क्षेत्र में शिक्षा और विकास के एक नए आयाम को रेखांकित किया। सांसद श्री कश्यप ने बताया कि आज बस्तर के हर एक किलोमीटर के दायरे में प्राथमिक शालाएं, तीन किलोमीटर के दायरे में मिडिल स्कूल और इसके साथ ही उच्च शिक्षण संस्थान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संभाग में मेडिकल कॉलेज, आयुष अस्पताल और अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना से अब बस्तर की पूरी तस्वीर बदल रही है। राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों में पिछले दो दशकों से बंद पड़े स्कूलों को पुनः संचालित किया गया है, जिससे वर्षों से वंचित बच्चे एक बार फिर मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ रहे हैं। अब अबूझमाड़ और जगदलपुर जैसे क्षेत्रों को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है और शांति तथा बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बस्तर में नक्सलवाद का खात्मा हो रहा है।

इसी क्रम में विधायक चित्रकोट  विनायक गोयल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए बताया कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए परिसर में व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया गया है। बस्तर संभाग के शैक्षणिक प्रदर्शन पर गर्व जताते हुए उन्होंने बताया कि बस्तर जिले का प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त करना यहाँ के बच्चों की अद्भुत प्रतिभा और लगन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने शासकीय योजनाओं जैसे अधोसंरचनात्मक सुधार, मध्याह्न भोजन और गणवेश वितरण का उल्लेख करते हुए कहा कि आज बस्तर के बच्चों के पास प्राथमिक शिक्षा से लेकर मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे उच्च संस्थानों की सुविधा यहीं उपलब्ध है। उन्होंने ‘बस्तर ओलंपिक’ का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों से डॉक्टर, इंजीनियर या प्रशासनिक अधिकारी बनने जैसे बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जगदलपुर के महापौर संजय पांडे ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के वास्तविक अर्थ और नैतिक मूल्यों पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में उच्च संस्कारों और आचरण को गढ़ना समाज, शिक्षकों और अभिभावकों का एक साझा दायित्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि जब तक संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक साथ नहीं मिलेंगे, तब तक राष्ट्र निर्माण का सपना पूरा नहीं हो सकता। इस दौरान सरस्वती सायकिल योजनांतर्गत लक्षित छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष  बलदेव मंडावी, नगर निगम सभापति  खेमसिंह देवांगन, नगर निगम के सदस्यगण, जिला शिक्षा अधिकारी  बीआर बघेल सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण एवं अभिभावकगण मौजूद रहे।

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