कलेक्टर आकाश छिकारा ने कोलेंग के दूरस्थ अंचलों का किया सघन भ्रमण
विकास की मुख्यधारा से जुड़ा कभी माओवाद प्रभावित रहा कोलेंग

जगदलपुर =19 सितम्बर कभी घोर माओवाद प्रभावित और अत्यंत दुर्गम माने जाने वाले दरभा विकासखंड का कोलेंग क्षेत्र अब शासन-प्रशासन की सक्रियता और स्थानीय ग्रामीणों की मजबूत इच्छाशक्ति के चलते तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। इसी परिवर्तन को धरातल पर परखने और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर आकाश छिकारा ने प्रशासनिक अमले के साथ क्षेत्र का सघन भ्रमण किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर सहित वन,पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। 
कलेक्टर ने अपने भ्रमण की शुरुआत में कोलेंग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर स्वास्थ्य सुविधाओं का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में ओपीडी, मरीजों के पंजीयन और उपचार की पूरी कार्यप्रणाली को समझा तथा दवा स्टोर रूम में जाकर स्टॉक रजिस्टर की दवाओं का भौतिक सत्यापन किया। प्रसव जैसे आपातकालीन मामलों और सामान्य उपचार के दौरान बिजली गुल होने पर कोई बाधा न आए, इसे देखते हुए उन्होंने अस्पताल में लगे सोलर बैकअप सिस्टम को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने उपचाराधीन मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं और दवाइयों की उपलब्धता का हाल भी जाना। साथ ही प्रगतिरत ग्राम पंचायत भवन का निरीक्षण कर इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य केंद्र के बाद महतारी सदन में कलेक्टर ने स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। ग्रामीणों ने उनके समक्ष नाडेप निर्माण, व्यक्तिगत शौचालय और पेयजल के लिए नल-जल योजना से जुड़ी जरूरतें रखीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी मांगों का त्वरित तकनीकी सर्वे कराकर आगामी सप्ताह तक विस्तृत प्राक्कलन तैयार किया जाए, साथ ही छूटे हुए पात्र हितग्राहियों से पुनः आवेदन लेकर समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। 
कलेक्टर और एसपी के साथ इस टीम ने क्षेत्र के तुलसी डोंगरी और चांदामेटा जैसे उन अंतिम छोर के गांवों तक भी अपनी पहुंच बनाई, जहां पहले पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता था। कलेक्टर ने अंतिम सड़क तक जाकर विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक हर हाल में पहुंचना चाहिए।




