सड़क हादसे में घायल युवक मल्टीपल फ्रैक्चर का हुआ था शिकार, मैक्सो फेशियल सर्जन ने किया जबड़े का सफल ऑपरेशन, ऑर्थोपेडिक सर्जन ने पैर, पसलियों व कंधे का ऑपरेशन किया

➡️- कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में बस की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए युवक का किया सफल ऑपरेशन, अब मिली अस्पताल से छुट्टी, स्वस्थ्य होकर लौटा घर
जगदलपुर @ नगरनार इलाके के चोकावाड़ा चौक पर बीते महीने 15 जून को हुए एक सड़क हादसे में घायल हुए युवक का कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (सीसीएसएच) में जटिल सर्जरी कर नया जीवनदान दिया गया। इस हादसे में युवक के शरीर में मल्टीपल फ्रैक्चर हुए थे, जिनमें उसके पैर, सीने की पसलियां, कंधे और जबड़े में फ्रैक्चर पाए गए। सीसीएसएच के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राठौर और मैक्सो फेशियल सर्जन डॉ. शिवानी सारंगी ने संयुक्त रूप से युवक के मल्टीपल फ्रैक्चर्स का सफल ऑपरेशन किया।
विगत 15 जून को भेजापदर निवासी बालीभद्र बघेल अपने दो दोस्तों के साथ बाइक से जगदलपुर से चोकावाड़ा की तरफ जा रहा था। इसी बीच विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार बस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बालीभद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके पैरों में मल्टीपल फ्रैक्चर होने के साथ ही सीने की पसलियों, कंधे व जबड़े में फ्रैक्चर हो गया।
गंभीर हालत में उसे सीसीएसएच लाया गया, जहां ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राठौर और मैक्सो फेशियल सर्जन डॉ. शिवानी सारंगी ने उसकी जांच की और ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। बाद में उसका संयुक्त रूप से ऑपरेशन भी किया गया, जिसमें पैर, पसलियों और कंधे का ऑपरेशन डॉ. पुष्पेंद्र और जबड़े का ऑपरेशन डॉ. शिवानी ने किया।
सीसीएसएच में उसे भर्ती किया गया, जहां ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने उसका इलाज शुरू किया। जांच में पाया गया कि उसे पॉलीट्रॉमा है, जिसमें उसके शरीर के दाहिने तरफ क्लेविकल फ्रैक्चर था, इनमें टिबिया फिबुला यानि घुटने के नीचे की हडि्डयों में मल्टीपल फ्रैक्चर के अलावा मीडियल एंड पोस्टिरियर मैलीलस फ्रैक्चर, मैंडिबल फ्रैक्चर और चेस्ट इंजुरी पाई गई।
ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया और ओरिफ विद मेंडिबल प्लेटिंग, सी-रिफ विद टिबिया एंड फिबुला नेलिंग विद मीडियल मैलीलस स्क्रू फिक्सेशन एंड वुंड डी-ब्राइडमेंट विद क्लेविकल प्लेटिंग की प्रक्रिया अपनाते हुए ऑपरेशन पूरा किया। इसके साथ ही जबड़े का ऑपरेशन मैक्सो फेशियल सर्जन डॉ. शिबानी सारंगी ने किया।
डॉ. शिवानी सारंगी ने बताया कि जबड़े में फ्रैक्चर होने के कारण वह मुंह बंद नहीं कर पा रहा था। ऐसे में डॉ. पुष्पेंद्र के साथ करीब डेढ़ घंटे तक चले ऑपरेशन में उसके जबड़े में तीन प्लेट डाली गई और चेहरे का एलाइनमेंट सुधारा गया।
ऑपरेशन के बाद बालीभद्र का चेहरा पहले की तरह हो चुका है और वह स्वस्थ्य हो चुका है। उसे अंतिम जांच के बाद छुट्टी दे दी गई है। बलीभद्र के पिता मिचन बघेल और भाई हरिचंद बघेल ने बताया कि पूरा उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत हुआ है। उन्होंने बताया कि जगदलपुर में कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल के होने से बलीभद्र को तत्काल इलाज मिल पाया और आयुष्मान भारत योजना से पूरा उपचार संभव हो पाया है। इसके लिए उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार जताते कहा कि कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल के लिए वरदान है।
ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राठौर व मैक्सो फेशियल सर्जन डॉ. शिवानी सारंगी ने बताया कि एक ही सिटिंग में सारे ऑपरेशन किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हमारा प्रयास था कि युवक को बार-बार एनेस्थिसिया देकर ऑपरेशन थियेटर न लाया जाए और सही तरह से उसका उपचार संभव हो पाए, इसलिए हमारी पूरी टीम ने सफल ऑपरेशन किया है।




