उद्यमिता की नई मिसाल: बस्तर की महिलाओं ने ऑर्गेनिक काजू और गुड़ से तैयार की खास ‘काजू-कतली’
वन मंत्री केदार कश्यप ने समूह के उद्यमिता सोच की सराहना

जगदलपुर = 27 अगस्त बस्तर अंचल में महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने अपनी लगन और नवाचार के दम पर उद्यमिता की एक प्रेरक मिसाल पेश की है। जिला यूनियन जगदलपुर (बस्तर वनमण्डल) के अंतर्गत संचालित वन धन विकास केंद्र बकावंड की धारणी करीन स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्थानीय वनोपज के मूल्य-संवर्धन की दिशा में उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है। समूह ने मुख्य वन संरक्षक कार्यालय जगदलपुर के चक्रीय-निधि से ऋण प्राप्त कर बाजार दर पर कच्चे काजू की खरीदी शुरू की और प्रसंस्करण के बाद इसे खुले बाजार में बेचकर सफलतापूर्वक लाभ अर्जित करना प्रारंभ किया।
काजू प्रसंस्करण में मिली इस सफलता से उत्साहित होकर महिलाओं ने मूल्य-संवर्धन का दायरा बढ़ाते हुए एक नया प्रयोग किया है। समूह ने बस्तर के ऑर्गेनिक काजू और शुद्ध ऑर्गेनिक गुड़ के अनूठे मेल से बिना शक्कर के स्वास्थ्यवर्धक #‘बस्तर काजू-कतली’ तैयार की है। आधा किलो और एक किलोग्राम की आकर्षक पैकेजिंग में बाजार में उतारी गई इस मिठाई को उपभोक्ताओं का बेहद उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है।
स्व सहायता समूह की महिलाओं ने सर्किट हाउस जगदलपुर में प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप से सौजन्य भेंट कर उन्हें प्रथम चरण में तैयार की गई ‘बस्तर काजू-कतली’ भेंट की। इस दौरान महिलाओं ने वन मंत्री को अवगत कराया कि आगामी त्योहारी सीजन, विशेषकर विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा और दीपावली के अवसर पर आम नागरिकों के लिए विभागीय आउटलेट ‘संजीवनी’ के माध्यम से इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस मौके पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने काजू-कतली के स्वाद की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए महिलाओं की सकारात्मक और उद्यमशील सोच को सराहा तथा उन्हें भविष्य के लिए आवश्यक मार्गदर्शन व प्रोत्साहन दिया। इस दौरान पर मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर सुश्री स्टाइलो मंडावी, मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) उत्तम कुमार गुप्ता, वनमंडलाधिकारी बस्तर दीपेश कपिल, उप प्रबंध संचालक जिला यूनियन जगदलपुर गुलशन कुमार साहू, सीनियर एग्जीक्यूटिव (विपणन) प्रवीण कुमार तथा सीनियर एग्जीक्यूटिव (प्रोक्योरमेंट) अविनाश हेंब्रम उपस्थित रहे।




